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Narayani Dev
"जिंदगी एक सफर है, कभी धूप तो कभी छांव,हर पल कुछ सिखाती है और आगे बढ़ना सिखाती है।|
"सोचा था घर बनाकर बैठूंगा सुकून से,पर घर की जरूरतों ने मुसाफिर बना डाला।
"सोचा था घर बनाकर बैठूंगा सुकून से,पर घर की जरूरतों ने मुसाफिर बना डाला।
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