Post
View post and interactions

Story Maker
वो तस्वीर जो बोलती थी ❤️
निखिल को पुरानी तस्वीरें देखने का बहुत शौक था।
एक दिन उसे अपने दादाजी के पुराने संदूक में एक तस्वीर मिली। तस्वीर में एक लड़की खिड़की के पास खड़ी मुस्कुरा रही थी।
पीछे सिर्फ़ एक तारीख लिखी थी—
15 अगस्त 1989
निखिल ने दादाजी से पूछा, “ये कौन हैं?”
दादाजी कुछ पल चुप रहे।
फिर मुस्कुराकर बोले, “मेरी पहली मोहब्बत।”
“फिर शादी क्यों नहीं हुई?”
दादाजी की आँखें नम हो गईं।
“क्योंकि उस समय हमारे पास प्यार था… लेकिन साथ रहने की आज़ादी नहीं थी।”
उन्होंने बताया कि उस लड़की का नाम सरिता था।
दोनों एक-दूसरे से बेहद प्यार करते थे। हर शाम पुराने डाकघर के पास मिलते और घंटों बातें करते।
एक दिन सरिता ने दादाजी से कहा था—
“अगर हम अलग हो गए, तो मुझे भूल जाना।”
दादाजी ने जवाब दिया था—
“तुम्हें भूलना मेरे बस में नहीं।”
लेकिन हालात ने दोनों को अलग कर दिया।
साल गुजरते गए।
दादाजी ने शादी कर ली और अपनी जिंदगी आगे बढ़ाई, लेकिन सरिता की तस्वीर हमेशा उनके पास रही।
निखिल ने पूछा—
“क्या आपने उन्हें कभी दोबारा नहीं देखा?”
दादाजी मुस्कुराए।
“नहीं। लेकिन कुछ लोग सामने न होकर भी जिंदगी का हिस्सा रहते हैं।”
कुछ दिनों बाद निखिल को वही तस्वीर देखकर एक विचार आया।
उसने इंटरनेट पर सरिता का नाम खोजा।
काफी कोशिश के बाद उसे एक पुराने स्कूल की वेबसाइट पर उसी नाम की एक शिक्षिका की तस्वीर मिली।
उम्र और चेहरा बहुत बदल चुका था, लेकिन आँखें वही थीं।
निखिल ने पता खोजा और सरिता के घर पहुँच गया।
दरवाज़ा खुला।
एक बुज़ुर्ग महिला सामने खड़ी थीं।
निखिल ने तस्वीर उनकी तरफ बढ़ाई।
सरिता की आँखों में आँसू आ गए।
“वो अभी भी मुझे याद करते हैं?”
निखिल ने कहा—
“हर दिन।”
सरिता ने काँपती आवाज़ में पूछा—
“क्या मैं उनसे मिल सकती हूँ?”
अगले दिन निखिल उन्हें अपने दादाजी के पास ले गया।
कमरे में दोनों आमने-सामने बैठे।
कुछ सेकंड तक कोई कुछ नहीं बोला।
फिर दादाजी मुस्कुराए—
“तुम बिल्कुल नहीं बदलीं।”
सरिता हँस पड़ी।
“और तुम अभी भी झूठ बोलते हो।”
दोनों की आँखों में आँसू थे।
उन्होंने कोई शिकायत नहीं की।
कोई सवाल नहीं पूछा।
बस पुराने दिनों की तरह एक-दूसरे को देखते रहे।
जाते समय सरिता ने कहा—
“हमारी कहानी अधूरी रह गई।”
दादाजी ने मुस्कुराकर जवाब दिया—
“नहीं… बस उसका आखिरी पन्ना बहुत देर से लिखा गया।”
कुछ प्रेम कहानियाँ शादी तक नहीं पहुँचतीं…
लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उनका प्यार कम था। ❤️
निखिल को पुरानी तस्वीरें देखने का बहुत शौक था।
एक दिन उसे अपने दादाजी के पुराने संदूक में एक तस्वीर मिली। तस्वीर में एक लड़की खिड़की के पास खड़ी मुस्कुरा रही थी।
पीछे सिर्फ़ एक तारीख लिखी थी—
15 अगस्त 1989
निखिल ने दादाजी से पूछा, “ये कौन हैं?”
दादाजी कुछ पल चुप रहे।
फिर मुस्कुराकर बोले, “मेरी पहली मोहब्बत।”
“फिर शादी क्यों नहीं हुई?”
दादाजी की आँखें नम हो गईं।
“क्योंकि उस समय हमारे पास प्यार था… लेकिन साथ रहने की आज़ादी नहीं थी।”
उन्होंने बताया कि उस लड़की का नाम सरिता था।
दोनों एक-दूसरे से बेहद प्यार करते थे। हर शाम पुराने डाकघर के पास मिलते और घंटों बातें करते।
एक दिन सरिता ने दादाजी से कहा था—
“अगर हम अलग हो गए, तो मुझे भूल जाना।”
दादाजी ने जवाब दिया था—
“तुम्हें भूलना मेरे बस में नहीं।”
लेकिन हालात ने दोनों को अलग कर दिया।
साल गुजरते गए।
दादाजी ने शादी कर ली और अपनी जिंदगी आगे बढ़ाई, लेकिन सरिता की तस्वीर हमेशा उनके पास रही।
निखिल ने पूछा—
“क्या आपने उन्हें कभी दोबारा नहीं देखा?”
दादाजी मुस्कुराए।
“नहीं। लेकिन कुछ लोग सामने न होकर भी जिंदगी का हिस्सा रहते हैं।”
कुछ दिनों बाद निखिल को वही तस्वीर देखकर एक विचार आया।
उसने इंटरनेट पर सरिता का नाम खोजा।
काफी कोशिश के बाद उसे एक पुराने स्कूल की वेबसाइट पर उसी नाम की एक शिक्षिका की तस्वीर मिली।
उम्र और चेहरा बहुत बदल चुका था, लेकिन आँखें वही थीं।
निखिल ने पता खोजा और सरिता के घर पहुँच गया।
दरवाज़ा खुला।
एक बुज़ुर्ग महिला सामने खड़ी थीं।
निखिल ने तस्वीर उनकी तरफ बढ़ाई।
सरिता की आँखों में आँसू आ गए।
“वो अभी भी मुझे याद करते हैं?”
निखिल ने कहा—
“हर दिन।”
सरिता ने काँपती आवाज़ में पूछा—
“क्या मैं उनसे मिल सकती हूँ?”
अगले दिन निखिल उन्हें अपने दादाजी के पास ले गया।
कमरे में दोनों आमने-सामने बैठे।
कुछ सेकंड तक कोई कुछ नहीं बोला।
फिर दादाजी मुस्कुराए—
“तुम बिल्कुल नहीं बदलीं।”
सरिता हँस पड़ी।
“और तुम अभी भी झूठ बोलते हो।”
दोनों की आँखों में आँसू थे।
उन्होंने कोई शिकायत नहीं की।
कोई सवाल नहीं पूछा।
बस पुराने दिनों की तरह एक-दूसरे को देखते रहे।
जाते समय सरिता ने कहा—
“हमारी कहानी अधूरी रह गई।”
दादाजी ने मुस्कुराकर जवाब दिया—
“नहीं… बस उसका आखिरी पन्ना बहुत देर से लिखा गया।”
कुछ प्रेम कहानियाँ शादी तक नहीं पहुँचतीं…
लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उनका प्यार कम था। ❤️
0
0

Comments
0No comments yet
Be the first to comment