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उसका आखिरी मैसेज ❤️
राहुल और काव्या की दोस्ती कॉलेज के पहले दिन हुई थी।
पहली मुलाक़ात में ही काव्या ने राहुल से कहा था—
“तुम बहुत शांत रहते हो।”
राहुल ने मुस्कुराकर जवाब दिया—
“और तुम बहुत बोलती हो।”
काव्या हँस पड़ी।
“तो हमारी दोस्ती पक्की।”
धीरे-धीरे दोस्ती प्यार में बदल गई, लेकिन दोनों में से किसी ने कभी अपने दिल की बात नहीं कही।
एक रात काव्या ने राहुल को मैसेज किया—
“कल सुबह मिलोगे?”
राहुल ने जवाब दिया—
“हाँ, बिल्कुल।”
कुछ देर बाद काव्या का दूसरा मैसेज आया—
“एक बात कहनी है… सामने नहीं कह पाऊँगी।”
राहुल ने लिखा—
“मैसेज पर ही कह देना।”
काव्या ने टाइप किया—
“मुझे तुमसे…”
और फिर मैसेज अधूरा रह गया।
राहुल ने कई बार फोन किया, लेकिन काव्या का फोन बंद था।
अगली सुबह उसे पता चला कि काव्या अपने परिवार के साथ दूसरे शहर जा रही थी।
राहुल स्टेशन पहुँचा, लेकिन ट्रेन जा चुकी थी।
उसने फोन देखा।
काव्या का आखिरी मैसेज अभी भी अधूरा था।
“मुझे तुमसे…”
राहुल ने वह मैसेज कभी डिलीट नहीं किया।
पाँच साल गुजर गए।
राहुल की जिंदगी आगे बढ़ गई, लेकिन वह अधूरा मैसेज आज भी उसके फोन में था।
एक दिन अचानक उसके फोन पर अनजान नंबर से मैसेज आया—
“क्या तुमने अभी तक मेरा अधूरा मैसेज संभालकर रखा है?”
राहुल के हाथ काँपने लगे।
उसने तुरंत जवाब दिया—
“काव्या?”
कुछ सेकंड बाद जवाब आया—
“हाँ।”
राहुल ने पूछा—
“उस दिन तुम कहना क्या चाहती थीं?”
काव्या ने लिखा—
“मुझे तुमसे प्यार है।”
राहुल की आँखों में आँसू आ गए।
उसने जवाब दिया—
“मुझे भी… लेकिन तुमने पाँच साल देर कर दी।”
काव्या ने लिखा—
“तो क्या पाँच साल का इंतज़ार खत्म कर सकते हैं?”
राहुल मुस्कुराया।
“कहाँ मिलना है?”
जवाब आया—
“जहाँ हमारी कहानी शुरू हुई थी।”
अगले दिन दोनों उसी कॉलेज के गेट पर मिले।
काव्या सामने खड़ी थी।
राहुल ने कहा—
“तुम्हारा वो मैसेज आज भी मेरे पास है।”
काव्या मुस्कुराई।
“तो उसे पूरा कर दो।”
राहुल ने उसका हाथ पकड़ लिया।
“अब कभी अधूरा नहीं छोड़ूँगा।”
कुछ बातें देर से कही जाती हैं…
लेकिन अगर दिल सच्चा हो, तो उनका इंतज़ार भी प्यार का हिस्सा बन जाता है। ❤️
राहुल और काव्या की दोस्ती कॉलेज के पहले दिन हुई थी।
पहली मुलाक़ात में ही काव्या ने राहुल से कहा था—
“तुम बहुत शांत रहते हो।”
राहुल ने मुस्कुराकर जवाब दिया—
“और तुम बहुत बोलती हो।”
काव्या हँस पड़ी।
“तो हमारी दोस्ती पक्की।”
धीरे-धीरे दोस्ती प्यार में बदल गई, लेकिन दोनों में से किसी ने कभी अपने दिल की बात नहीं कही।
एक रात काव्या ने राहुल को मैसेज किया—
“कल सुबह मिलोगे?”
राहुल ने जवाब दिया—
“हाँ, बिल्कुल।”
कुछ देर बाद काव्या का दूसरा मैसेज आया—
“एक बात कहनी है… सामने नहीं कह पाऊँगी।”
राहुल ने लिखा—
“मैसेज पर ही कह देना।”
काव्या ने टाइप किया—
“मुझे तुमसे…”
और फिर मैसेज अधूरा रह गया।
राहुल ने कई बार फोन किया, लेकिन काव्या का फोन बंद था।
अगली सुबह उसे पता चला कि काव्या अपने परिवार के साथ दूसरे शहर जा रही थी।
राहुल स्टेशन पहुँचा, लेकिन ट्रेन जा चुकी थी।
उसने फोन देखा।
काव्या का आखिरी मैसेज अभी भी अधूरा था।
“मुझे तुमसे…”
राहुल ने वह मैसेज कभी डिलीट नहीं किया।
पाँच साल गुजर गए।
राहुल की जिंदगी आगे बढ़ गई, लेकिन वह अधूरा मैसेज आज भी उसके फोन में था।
एक दिन अचानक उसके फोन पर अनजान नंबर से मैसेज आया—
“क्या तुमने अभी तक मेरा अधूरा मैसेज संभालकर रखा है?”
राहुल के हाथ काँपने लगे।
उसने तुरंत जवाब दिया—
“काव्या?”
कुछ सेकंड बाद जवाब आया—
“हाँ।”
राहुल ने पूछा—
“उस दिन तुम कहना क्या चाहती थीं?”
काव्या ने लिखा—
“मुझे तुमसे प्यार है।”
राहुल की आँखों में आँसू आ गए।
उसने जवाब दिया—
“मुझे भी… लेकिन तुमने पाँच साल देर कर दी।”
काव्या ने लिखा—
“तो क्या पाँच साल का इंतज़ार खत्म कर सकते हैं?”
राहुल मुस्कुराया।
“कहाँ मिलना है?”
जवाब आया—
“जहाँ हमारी कहानी शुरू हुई थी।”
अगले दिन दोनों उसी कॉलेज के गेट पर मिले।
काव्या सामने खड़ी थी।
राहुल ने कहा—
“तुम्हारा वो मैसेज आज भी मेरे पास है।”
काव्या मुस्कुराई।
“तो उसे पूरा कर दो।”
राहुल ने उसका हाथ पकड़ लिया।
“अब कभी अधूरा नहीं छोड़ूँगा।”
कुछ बातें देर से कही जाती हैं…
लेकिन अगर दिल सच्चा हो, तो उनका इंतज़ार भी प्यार का हिस्सा बन जाता है। ❤️
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