Post
View post and interactions

Story Maker
ए. आर. रहमान की प्रेरणादायक कहानी
ए. आर. रहमान का जन्म 6 जनवरी 1967 को चेन्नई, तमिलनाडु में हुआ था। बचपन से ही उन्हें संगीत में गहरी रुचि थी। कम उम्र में ही उन्होंने अपने पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारियों को समझा और संगीत के क्षेत्र में काम करना शुरू किया।
उन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद संगीत की शिक्षा जारी रखी और आगे चलकर ट्रिनिटी कॉलेज ऑफ म्यूजिक, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पश्चिमी शास्त्रीय संगीत की पढ़ाई की।
1992 में फिल्म रोजा से उन्होंने फिल्म संगीत की दुनिया में बड़ा कदम रखा। उनकी नई धुनों और आधुनिक संगीत शैली ने भारतीय फिल्म संगीत को एक अलग दिशा दी।
स्लमडॉग मिलियनेयर के संगीत के लिए उन्हें दो Academy Awards मिले। उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार हासिल किए और भारतीय संगीत को दुनिया भर में पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
सीख: ए. आर. रहमान की कहानी बताती है कि कठिन परिस्थितियां सपनों को रोक नहीं सकतीं। मेहनत, सीखने की इच्छा और अपनी कला के प्रति समर्पण इंसान को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पहचान दिला सकता है।
ए. आर. रहमान का जन्म 6 जनवरी 1967 को चेन्नई, तमिलनाडु में हुआ था। बचपन से ही उन्हें संगीत में गहरी रुचि थी। कम उम्र में ही उन्होंने अपने पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारियों को समझा और संगीत के क्षेत्र में काम करना शुरू किया।
उन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद संगीत की शिक्षा जारी रखी और आगे चलकर ट्रिनिटी कॉलेज ऑफ म्यूजिक, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पश्चिमी शास्त्रीय संगीत की पढ़ाई की।
1992 में फिल्म रोजा से उन्होंने फिल्म संगीत की दुनिया में बड़ा कदम रखा। उनकी नई धुनों और आधुनिक संगीत शैली ने भारतीय फिल्म संगीत को एक अलग दिशा दी।
स्लमडॉग मिलियनेयर के संगीत के लिए उन्हें दो Academy Awards मिले। उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार हासिल किए और भारतीय संगीत को दुनिया भर में पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
सीख: ए. आर. रहमान की कहानी बताती है कि कठिन परिस्थितियां सपनों को रोक नहीं सकतीं। मेहनत, सीखने की इच्छा और अपनी कला के प्रति समर्पण इंसान को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पहचान दिला सकता है।

0
0

Comments
0No comments yet
Be the first to comment