Post
View post and interactions

Story Maker
इंदिरा नूई की प्रेरणादायक कहानी
इंदिरा नूई का जन्म 28 अक्टूबर 1955 को चेन्नई, तमिलनाडु में हुआ था। उनका पालन-पोषण एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। बचपन से ही वे पढ़ाई के साथ-साथ संगीत और खेलों में भी रुचि रखती थीं।
उन्होंने मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज से पढ़ाई की और बाद में IIM कोलकाता से प्रबंधन की शिक्षा प्राप्त की। आगे की पढ़ाई के लिए वे अमेरिका गईं और Yale School of Management से सार्वजनिक एवं निजी प्रबंधन की पढ़ाई की।
अमेरिका में उन्होंने विभिन्न कंपनियों में काम किया और धीरे-धीरे कॉर्पोरेट जगत में अपनी पहचान बनाई। 2001 में वे PepsiCo की अध्यक्ष और CFO बनीं तथा 2006 में कंपनी की CEO नियुक्त हुईं।
उनके नेतृत्व में PepsiCo ने अपने कारोबार को आगे बढ़ाने के साथ-साथ स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े उत्पादों पर भी अधिक ध्यान दिया। उन्होंने कंपनी की दीर्घकालीन रणनीति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इंदिरा नूई दुनिया की सबसे प्रभावशाली भारतीय मूल की कॉर्पोरेट नेताओं में शामिल हुईं। उन्हें कई अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए।
सीख: इंदिरा नूई की कहानी बताती है कि वैश्विक स्तर पर सफलता पाने के लिए शिक्षा, मेहनत, नेतृत्व और लंबे समय की सोच जरूरी है। अपनी जड़ों को याद रखते हुए लगातार सीखना इंसान को आगे बढ़ाता है।
इंदिरा नूई का जन्म 28 अक्टूबर 1955 को चेन्नई, तमिलनाडु में हुआ था। उनका पालन-पोषण एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। बचपन से ही वे पढ़ाई के साथ-साथ संगीत और खेलों में भी रुचि रखती थीं।
उन्होंने मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज से पढ़ाई की और बाद में IIM कोलकाता से प्रबंधन की शिक्षा प्राप्त की। आगे की पढ़ाई के लिए वे अमेरिका गईं और Yale School of Management से सार्वजनिक एवं निजी प्रबंधन की पढ़ाई की।
अमेरिका में उन्होंने विभिन्न कंपनियों में काम किया और धीरे-धीरे कॉर्पोरेट जगत में अपनी पहचान बनाई। 2001 में वे PepsiCo की अध्यक्ष और CFO बनीं तथा 2006 में कंपनी की CEO नियुक्त हुईं।
उनके नेतृत्व में PepsiCo ने अपने कारोबार को आगे बढ़ाने के साथ-साथ स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े उत्पादों पर भी अधिक ध्यान दिया। उन्होंने कंपनी की दीर्घकालीन रणनीति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इंदिरा नूई दुनिया की सबसे प्रभावशाली भारतीय मूल की कॉर्पोरेट नेताओं में शामिल हुईं। उन्हें कई अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए।
सीख: इंदिरा नूई की कहानी बताती है कि वैश्विक स्तर पर सफलता पाने के लिए शिक्षा, मेहनत, नेतृत्व और लंबे समय की सोच जरूरी है। अपनी जड़ों को याद रखते हुए लगातार सीखना इंसान को आगे बढ़ाता है।

0
0

Comments
0No comments yet
Be the first to comment