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दीपिंदर गोयल की प्रेरणादायक कहानी
दीपिंदर गोयल का जन्म 26 जनवरी 1983 को मुकेरियां, पंजाब में हुआ था। उन्होंने IIT दिल्ली से गणित और कंप्यूटिंग की पढ़ाई की।
पढ़ाई के बाद उन्होंने Bain & Company में नौकरी की। ऑफिस में काम करते समय उन्होंने देखा कि कर्मचारियों के लिए कंपनी के अलग-अलग रेस्टोरेंट के मेन्यू देखना आसान नहीं था।
उन्होंने रेस्टोरेंट के मेन्यू को डिजिटल रूप में उपलब्ध कराने का विचार बनाया। यही छोटा विचार आगे चलकर Foodiebay के रूप में शुरू हुआ, जिसे बाद में Zomato नाम दिया गया।
धीरे-धीरे Zomato ने रेस्टोरेंट खोजने और भोजन से जुड़ी जानकारी देने वाली सेवा से आगे बढ़कर ऑनलाइन फूड डिलीवरी के क्षेत्र में विस्तार किया।
कंपनी को आगे बढ़ाने के दौरान उन्हें प्रतिस्पर्धा, आर्थिक दबाव और व्यवसाय को लंबे समय तक टिकाऊ बनाने जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
दीपिंदर गोयल ने बाद में Zomato के अलावा Blinkit के अधिग्रहण के जरिए क्विक-कॉमर्स क्षेत्र में भी कंपनी का विस्तार किया।
सीख: दीपिंदर गोयल की कहानी बताती है कि बड़े व्यवसाय की शुरुआत अक्सर किसी छोटी रोजमर्रा की समस्या को पहचानने से होती है। सही समय पर तकनीक का उपयोग करके उस समस्या का समाधान बड़े स्तर तक पहुंचाया जा सकता है।
दीपिंदर गोयल का जन्म 26 जनवरी 1983 को मुकेरियां, पंजाब में हुआ था। उन्होंने IIT दिल्ली से गणित और कंप्यूटिंग की पढ़ाई की।
पढ़ाई के बाद उन्होंने Bain & Company में नौकरी की। ऑफिस में काम करते समय उन्होंने देखा कि कर्मचारियों के लिए कंपनी के अलग-अलग रेस्टोरेंट के मेन्यू देखना आसान नहीं था।
उन्होंने रेस्टोरेंट के मेन्यू को डिजिटल रूप में उपलब्ध कराने का विचार बनाया। यही छोटा विचार आगे चलकर Foodiebay के रूप में शुरू हुआ, जिसे बाद में Zomato नाम दिया गया।
धीरे-धीरे Zomato ने रेस्टोरेंट खोजने और भोजन से जुड़ी जानकारी देने वाली सेवा से आगे बढ़कर ऑनलाइन फूड डिलीवरी के क्षेत्र में विस्तार किया।
कंपनी को आगे बढ़ाने के दौरान उन्हें प्रतिस्पर्धा, आर्थिक दबाव और व्यवसाय को लंबे समय तक टिकाऊ बनाने जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
दीपिंदर गोयल ने बाद में Zomato के अलावा Blinkit के अधिग्रहण के जरिए क्विक-कॉमर्स क्षेत्र में भी कंपनी का विस्तार किया।
सीख: दीपिंदर गोयल की कहानी बताती है कि बड़े व्यवसाय की शुरुआत अक्सर किसी छोटी रोजमर्रा की समस्या को पहचानने से होती है। सही समय पर तकनीक का उपयोग करके उस समस्या का समाधान बड़े स्तर तक पहुंचाया जा सकता है।

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