Post
View post and interactions

Story Maker
राकेश शर्मा की प्रेरणादायक कहानी
राकेश शर्मा का जन्म 13 जनवरी 1949 को पंजाब के पटियाला में हुआ था। बचपन से ही उन्हें उड़ान और विमानन में रुचि थी। उन्होंने भारतीय वायुसेना में पायलट के रूप में अपना करियर बनाया।
वायुसेना में रहते हुए उन्होंने विभिन्न अभियानों में हिस्सा लिया और अपने उड़ान कौशल को मजबूत किया। बाद में उन्हें भारत और सोवियत संघ के संयुक्त अंतरिक्ष मिशन के लिए चुना गया।
1984 में राकेश शर्मा ने सोवियत अंतरिक्ष यान Soyuz T-11 के जरिए अंतरिक्ष की यात्रा की। वे अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय नागरिक बने।
अंतरिक्ष में उन्होंने वैज्ञानिक प्रयोगों और भारत से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उनसे पूछा कि अंतरिक्ष से भारत कैसा दिखाई देता है, तो उन्होंने प्रसिद्ध शब्दों में जवाब दिया—“सारे जहाँ से अच्छा।”
उनकी अंतरिक्ष यात्रा ने भारत में विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान के प्रति लोगों की रुचि को बढ़ाया।
उन्हें अशोक चक्र सहित कई सम्मान मिले।
सीख: राकेश शर्मा की कहानी बताती है कि अनुशासन, प्रशिक्षण और साहस के जरिए इंसान ऐसी सीमाओं तक पहुंच सकता है जिन्हें कभी असंभव माना जाता था। बड़े सपनों को पूरा करने के लिए तैयारी और धैर्य जरूरी है।
राकेश शर्मा का जन्म 13 जनवरी 1949 को पंजाब के पटियाला में हुआ था। बचपन से ही उन्हें उड़ान और विमानन में रुचि थी। उन्होंने भारतीय वायुसेना में पायलट के रूप में अपना करियर बनाया।
वायुसेना में रहते हुए उन्होंने विभिन्न अभियानों में हिस्सा लिया और अपने उड़ान कौशल को मजबूत किया। बाद में उन्हें भारत और सोवियत संघ के संयुक्त अंतरिक्ष मिशन के लिए चुना गया।
1984 में राकेश शर्मा ने सोवियत अंतरिक्ष यान Soyuz T-11 के जरिए अंतरिक्ष की यात्रा की। वे अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय नागरिक बने।
अंतरिक्ष में उन्होंने वैज्ञानिक प्रयोगों और भारत से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उनसे पूछा कि अंतरिक्ष से भारत कैसा दिखाई देता है, तो उन्होंने प्रसिद्ध शब्दों में जवाब दिया—“सारे जहाँ से अच्छा।”
उनकी अंतरिक्ष यात्रा ने भारत में विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान के प्रति लोगों की रुचि को बढ़ाया।
उन्हें अशोक चक्र सहित कई सम्मान मिले।
सीख: राकेश शर्मा की कहानी बताती है कि अनुशासन, प्रशिक्षण और साहस के जरिए इंसान ऐसी सीमाओं तक पहुंच सकता है जिन्हें कभी असंभव माना जाता था। बड़े सपनों को पूरा करने के लिए तैयारी और धैर्य जरूरी है।

0
0

Comments
0No comments yet
Be the first to comment